उत्तराखंड

उत्तराखंड शासन सख्त, जनगणना में बाधा डालने वालों पर मुकदमा तय

देहरादून:

Uttarakhand में जनगणना-2027 के तहत चल रहे मकान सूचीकरण कार्य (HLO) में बाधा डालने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तराखंड ने सभी चार्ज अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि यदि कोई व्यक्ति जनगणना कर्मचारियों को जानकारी देने से इनकार करता है, सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करता है या कर्मचारियों के साथ असहयोग करता है, तो उसके खिलाफ जनगणना अधिनियम-1948 के तहत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कई जिलों से सामने आई शिकायतें

बीते कुछ दिनों में देहरादून समेत राज्य के कई इलाकों से ऐसी शिकायतें सामने आई थीं, जहां जनगणना करने पहुंचे कर्मचारियों को लोगों के विरोध और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोगों ने घरों के दरवाजे तक नहीं खोले, जबकि कुछ जगह कर्मचारियों को घंटों बाहर इंतजार करना पड़ा।

सबसे गंभीर मामले उन इलाकों से सामने आए जहां कर्मचारियों पर पालतू कुत्ते छोड़ दिए गए। कई कर्मचारी स्ट्रीट डॉग्स के हमलों का भी शिकार हुए। इन घटनाओं के बाद कर्मचारियों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।

मकानों से मिटाए गए जनगणना नंबर

जनगणना कार्य निदेशालय द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि कई जगहों पर मकानों पर लिखे गए जनगणना नंबर तक मिटा दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इससे राष्ट्रीय महत्व के इस अभियान में अनावश्यक देरी हो रही है।

सरकार ने दिए सख्त निर्देश

शासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना अधिनियम-1948 के तहत प्रत्येक नागरिक का यह कानूनी दायित्व है कि वह सही जानकारी उपलब्ध कराए और सरकारी कार्य में सहयोग करे। अधिकारियों को पहले लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर सहयोग नहीं करता है तो उसके खिलाफ अधिनियम की धारा-11 के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

साथ ही संबंधित पुलिस थानों को भी ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

विकास योजनाओं की नींव है जनगणना

विभाग का कहना है कि जनगणना केवल आंकड़ों की प्रक्रिया नहीं, बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं की आधारशिला है। जनसंख्या, आवास, संसाधन और सामाजिक ढांचे से जुड़े आंकड़ों के आधार पर ही सरकार योजनाएं और बजट तय करती है।

ऐसे में गलत जानकारी देना या सरकारी कार्य में बाधा डालना राज्य के विकास कार्यों को प्रभावित कर सकता है। यही वजह है कि अब प्रशासन जनगणना कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही या बाधा को गंभीरता से लेते हुए सख्ती बरतने की तैयारी में है।

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