नैनीताल
सरोवर नगरी नैनीताल नगर पालिका परिषद का घर घर से कूड़ा करकट उठाने का जिन्न 2023 के बाद पुनः जाग गया है। सूत्रों की माने तो 2023 में नगर पालिका परिषद द्वारा घर घर से कूड़ा करकट उठाने के लिए समूहों द्वारा पर्ची काटी गई जो कि प्रत्येक घर से सफेद कार्ड व पीले कार्ड पर आधारित थी। सफेद कार्ड वालों से 2023 में 20 रुपये प्रति घर लिया जा रहा था और पीले कार्ड वालों से 50 या 60 रुपया लिया जा रहा था। पर मजे की बात कूड़ा करकट घर से एक दिन भी नही उठा। सभी लोग कूड़ा करकट फेंकने जहाँ डेस्टरबिन लगे हुए थे रोज की भांति कूड़ा करकट वही फेंका गया और नगर पालिका ने जमकर रुपया बटोरा। इसी तरह आजकल भी नगर पालिका द्वारा घर घर से कूड़ा करकट उठाने के नाम से समूहों की महिलाओं द्वारा नगर पालिका की पर्ची काटी जा रही है और जमकर रुपया बटोरा जा रहा है।कई जगह महिला समूह के सदस्यों खरी खोटी भी सुननी पड़ रही है । उसका मुख्य कारण यह है 2023 में कूड़ा करकट उठाने के नाम से रुपये तो ले लिये पर घर से एक बार भी कूड़ा करकट नही उठाया गया। इस दौरान एक भेंट में नगर पालिका के कूड़ा करकट उठवाने के लिये अधिकृत ठेकेदार रोहित भाटिया ने मोबाइल फोन के माध्यम से जिला संवाददाता ललित जोशी को बताया जो भी कूड़ा करकट उठाने के लिए घर घर से 30 रुपया व 60 रुपया लिया जा रहा है उसमें से 40 प्रतिशत नगर पालिका परिषद के खाते में जमा किया जाता है तथा 60 प्रतिशत में महिला समूह व कूड़ा करकट उठाने वाले वाहन में तेल , एवं रख रखाव का पूरा खर्चा ठेकेदार द्वारा उठाया जाता है। 2025 के आसपास भी घर घर से पर्ची काटने वाले आये पर मुहल्ले वालों ने यह कह कर वापस कर दिया कि पहले घर से कूड़ा करकट उठाओ तब रुपये दिये जायेंगे। जिससे महिला समूह ने कई घरों की पर्ची काटी और कई लोगों ने इंकार कर दिया जहां पर्ची कटी वहाँ भी जानकारी प्राप्त हुई कि कूड़ा करकट उठाने वाला कर्मचारी कभी आया ही नही।
अब यह देखना 2026 में घर घर से कूड़ा करकट उठता है या रुपये बटोर कर किनारे हो जाते हैं। यही शहर , गलियों, कुचों में चर्चा व्याप्त है।सब भविष्य के गर्त में छुपा हुआ है। यह देखियेगा खुद घर के लोग कूड़ा करकट उठाने वाले वाहन के पास जा रहे हैं कूड़ा करकट डालने के लिए।
