अपराध उत्तराखंड

बागेश्वर के अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार हत्याकांड का खुलासा, महिला और उसका भाई गिरफ्तार

अवैध संबंधों के विवाद और जबरदस्ती के विरोध में हत्या किए जाने का पुलिस का दावा, लोहे की रॉड से वार कर ली थी जान; शव को कार से ले जाकर खाई से नदी में फेंका

बागेश्वर। जिले के चर्चित अधिवक्ता एवं पूर्व सभासद धीरेंद्र परिहार हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में पुलिस ने महिला आरोपी लता भंडारी और उसके भाई त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे लंबे समय से चले आ रहे संबंधों में विवाद और कथित जबरदस्ती का विरोध मुख्य वजह रही। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड, कार और मृतक का शव बरामद किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, घटना 17 अक्टूबर की रात की है। शुरुआती जांच और पूछताछ में सामने आया कि अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार और लता भंडारी के बीच वर्ष 2020 में नजदीकियां बढ़ी थीं। वर्ष 2022 के बाद दोनों के बीच संबंधों में कुछ दूरी आ गई थी। पुलिस का दावा है कि घटना वाली रात अधिवक्ता कथित तौर पर अत्यधिक शराब के नशे में महिला के घर पहुंचे थे और वहां जबरदस्ती करने का प्रयास किया।

विरोध करने पर लोहे की रॉड से किया हमला

पुलिस के अनुसार, महिला ने जब इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। इसी दौरान गुस्से में आकर उसने घर में रखी लोहे की रॉड से अधिवक्ता के सिर पर कई वार कर दिए। गंभीर चोटों के चलते उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

वारदात के बाद महिला ने शव को घर में अपनी चारपाई के नीचे छिपा दिया। इसके बाद 18 अक्टूबर की सुबह वह कठायतबाड़ा पहुंची और अपने भाई त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू को पूरी घटना की जानकारी दी।

भाई के साथ मिलकर शव ठिकाने लगाने की बनाई योजना

पुलिस की जांच में सामने आया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद भाई ने रात में घर पहुंचकर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। इसके बाद शव को मैग्नेट कार की पिछली सीट पर रखा गया और बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग पर थुणाई बैंड के पास ले जाया गया। आरोप है कि वहां से शव को गहरी खाई के रास्ते नदी में फेंक दिया गया।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर शव, वारदात में इस्तेमाल लोहे की रॉड और कार बरामद कर ली है।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में कोतवाली पुलिस की टीम ने जांच और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई तेज की। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लता भंडारी और उसके भाई त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है। चर्चित अधिवक्ता की हत्या और शव को नदी में फेंके जाने की इस वारदात का खुलासा होने के बाद जिले में मामला एक बार फिर चर्चा में है।

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