उत्तराखण्ड राज्य समाचार

उत्तराखंड के चारधामों के कपाट बंद होने की तिथियां तय, 11 नवंबर को केदारनाथ-यमुनोत्री के पट होंगे बंद

बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को रात 9:37 बजे होंगे बंद, मद्महेश्वर धाम की चल विग्रह डोली 19 नवंबर को पहुंचेगी ऊखीमठ

देहरादून। उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा के समापन की तैयारियां तेज हो गई हैं। शीतकाल के लिए धामों के कपाट बंद होने की तिथियां निर्धारित कर दी गई हैं। श्री केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट 11 नवंबर को भैया दूज के पावन पर्व पर बंद होंगे। वहीं, बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को रात 9 बजकर 37 मिनट पर बंद किए जाएंगे। द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर धाम के कपाट भी 16 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे। कपाट बंद होने के बाद संबंधित धामों की शीतकालीन पूजा निर्धारित पूजा स्थलों पर संपन्न होगी।

सुबह 10:28 बजे बंद होंगे यमुनोत्री धाम के कपाट

यमुनोत्री धाम के कपाट बंद करने का शुभ मुहूर्त सुबह 10 बजकर 28 मिनट निर्धारित किया गया है। विजयदशमी के अवसर पर मंदिर समिति और पुरोहित समाज की बैठक में पंचांग एवं धार्मिक परंपराओं के अनुसार यह निर्णय लिया गया। निर्धारित मुहूर्त के अनुसार अनुराधा नक्षत्र और सौम्य धनु लग्न में विधि-विधान के साथ कपाट बंद किए जाएंगे। वहीं, भैया दूज पर केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही इस वर्ष की यात्रा का समापन हो जाएगा।

मद्महेश्वर की डोली 19 नवंबर को पहुंचेगी ऊखीमठ

रुद्रप्रयाग जिले में स्थित द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर धाम के कपाट बंद होने की तिथि विजयदशमी के अवसर पर ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में आयोजित कार्यक्रम में तय की गई। 16 नवंबर को कपाट बंद होने के बाद भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह डोली शीतकालीन प्रवास के लिए रवाना होगी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, डोली पहले दिन गौंडार गांव पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। 17 नवंबर को डोली गौंडार से रांसी के लिए प्रस्थान करेगी। 18 नवंबर को रांसी से गिरिया पहुंचेगी। इसके बाद 19 नवंबर को डोली गिरिया से चलकर ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंचेगी। यहां भगवान मद्महेश्वर की शीतकालीन पूजा-अर्चना की जाएगी।

16 नवंबर को बंद होंगे बदरीनाथ धाम के कपाट

भगवान बदरीविशाल के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को इस वर्ष 16 नवंबर तक अवसर मिलेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, बदरीनाथ धाम के कपाट रात 9 बजकर 37 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके अगले दिन 17 नवंबर को देवडोलियां अपने-अपने शीतकालीन प्रवास स्थलों के लिए रवाना होंगी।

उत्तराखंड के चारधाम देश-विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सर्दियों में प्रतिकूल मौसम और बर्फबारी की संभावना को देखते हुए धार्मिक परंपराओं के अनुसार धामों के कपाट बंद किए जाते हैं। इसके बाद भगवान की पूजा-अर्चना शीतकालीन गद्दी स्थलों पर जारी रहती है।

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