उत्तराखंड पर्यटन

केदारनाथ में श्रद्धालु की मौत पर भ्रामक खबरें, प्रशासन की सफाई

श्री केदारनाथ धाम में हुई घटना के संबंध में प्रशासन की संवेदनशील एवं मानवीय पहल

श्री केदारनाथ धाम उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित है यहां पहुंच रहे श्रद्धालुओं को लंबा एवं चुनौतीपूर्ण पैदल मार्ग तय करने के साथ साथ उच्च हिमालयी मौसम से भी जूझना पड़ता है। जिसके लिए राज्य सरकार  द्वारा समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है,। दिनांक 22.04.2026 को धाम क्षेत्र में एक अपरिहार्य घटना में 69 वर्षीय श्रद्धालु (निवासी—जिला गोरवा, गुजरात) के निधन के संबंध में कुछ माध्यमों द्वारा भ्रामक, अपुष्ट एवं तथ्यहीन सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं।

जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि दिनांक 22 अप्रैल 2026 को प्रातः 6:30 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना प्राप्त हुई कि केदारनाथ में व्हाइट हाउस के समीप एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा है। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन द्वारा सक्रियता एवं मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तत्काल राहत कार्य प्रारंभ किया गया। वाई0एम0एफ0 के जवानों द्वारा बिना समय गंवाए उक्त व्यक्ति को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, केदारनाथ पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत उन्हें मृत घोषित किया।

इसके उपरांत प्रशासन ने पूर्ण संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए मृतक के सम्मानजनक प्रबंधन को प्राथमिकता दी। वाई0एम0एफ0 के सहयोग से पार्थिव शरीर को केदारनाथ हेलीपैड तक पहुंचाया गया। उस समय हैली सेवा अस्थायी रूप से बाधित थी। हैली सेवा सुचारु होते ही प्रशासन द्वारा तुरंत शव को हैली के माध्यम से जामू हेलीपैड भेजा गया, जहां से आगे की आवश्यक कार्यवाही हेतु शव वाहन के माध्यम से जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भेजा गया।

जिला प्रशासन ने इस संपूर्ण प्रक्रिया में संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय क्षमता एवं मानवीय दृष्टिकोण का परिचय दिया है। साथ ही यह भी अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की अपुष्ट एवं भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें तथा केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें।

जिला प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सुविधा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा यात्रा के दौरान हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

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