तीन पश्चिमी विक्षोभों का असर: उत्तर भारत में बारिश-बर्फबारी का दौर
नई दिल्ली/देहरादून :
उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। तीन पश्चिमी विक्षोभों के सक्रिय होने से अगले सात दिनों के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और आसपास के मैदानी इलाकों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, इस दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
उत्तराखंड में 20 जनवरी तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन 21 से 24 जनवरी के बीच पर्वतीय इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात हो सकता है। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में 21 जनवरी से मौसम बिगड़ने की संभावना जताई है, जिससे ठंड में इजाफा होगा और मैदानी इलाकों में कोहरे का असर बढ़ सकता है।
आईएमडी के मुताबिक, 20 से 22 जनवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इसके बाद 22 से 24 जनवरी के दौरान इन क्षेत्रों में बारिश और हिमपात की तीव्रता बढ़ सकती है। विशेष रूप से 23 जनवरी को कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है, जिससे जनजीवन और यातायात प्रभावित होने के आसार हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, 20-21 जनवरी के बीच जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी 20 जनवरी को हल्की बारिश या बर्फबारी के संकेत हैं। 22 से 24 जनवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी का दायरा और तीव्रता बढ़ने की संभावना है। कश्मीर घाटी में 22 और 23 जनवरी को कुछ इलाकों में भारी हिमपात या बारिश हो सकती है, जबकि हिमाचल के ऊंचे क्षेत्रों में 23 जनवरी को भारी बर्फ गिरने की आशंका जताई गई है। 25 जनवरी को मौसम की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है।
मैदानी इलाकों की बात करें तो 22 से 25 जनवरी के बीच पंजाब में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी इसी अवधि के दौरान कहीं-कहीं बारिश के आसार हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 23 और 24 जनवरी को बारिश हो सकती है, जबकि राजस्थान में 22 और 23 जनवरी को हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है।
मौसम विभाग ने आंधी-तूफान और बिजली गिरने को लेकर भी चेतावनी जारी की है। 23 जनवरी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है। वहीं, 22 और 23 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश में 22 और 23 जनवरी तथा उत्तराखंड में 23 जनवरी को बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
तापमान को लेकर विभाग का कहना है कि उत्तर-पश्चिम भारत में अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि इसके अगले कुछ दिनों में फिर 2 से 3 डिग्री की गिरावट संभव है। महाराष्ट्र में भी अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी के संकेत हैं, जबकि देश के अन्य हिस्सों में तापमान में खास बदलाव नहीं होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों से अपील की है कि वे मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान सतर्कता बरतें। लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के चलते अगले कुछ दिन उत्तर भारत के लिए मौसम के लिहाज से अहम रहने वाले हैं।
