देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के बीच अगले छह दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने 3 सितंबर तक मौसम का पूर्वानुमान जारी करते हुए 31 अगस्त और 1 सितंबर को कुछ जिलों में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अन्य दिनों में कई जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा।
आज सभी जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार 29 अगस्त को प्रदेश के सभी जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। अन्य जिलों में भी बारिश के तेज से बहुत तेज दौर देखने को मिल सकते हैं।
30 अगस्त को सात जिलों में भारी बारिश
30 अगस्त को भी प्रदेशभर में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बाकी जिलों में भी बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर हो सकते हैं।
31 अगस्त को तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
31 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन जिलों में गर्जना के साथ तीव्र से अत्यंत तीव्र बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन तीनों जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में भी गर्जना और वज्रपात के साथ तेज बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
1 सितंबर को देहरादून-टिहरी में ऑरेंज अलर्ट
1 सितंबर को देहरादून और टिहरी गढ़वाल में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है।
2 और 3 सितंबर को भी जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के मुताबिक 2 और 3 सितंबर को प्रदेश के सभी जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हालांकि इस दौरान भी कुछ क्षेत्रों में बारिश के तेज दौर देखने को मिल सकते हैं।
भूस्खलन और वज्रपात को लेकर भी चेतावनी
मौसम विभाग ने 31 अगस्त और 1 सितंबर को संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में हल्के से मध्यम भूस्खलन और चट्टान खिसकने की आशंका जताई है। इसके चलते स्थानीय सड़कों और राजमार्गों पर यातायात बाधित होने की संभावना है। कई स्थानों पर वज्रपात का खतरा भी बताया गया है।
प्रशासन और यात्रियों को सलाह दी गई है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।