देहरादून।
साइबर अपराधी लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए लगातार नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। अब ठग ‘जंप्ड डिपॉजिट फ्रॉड’ और ‘फेक क्रेडिट एसएमएस’ के जरिए लोगों के बैंक खातों से रकम उड़ा रहे हैं। इस बढ़ते साइबर खतरे को देखते हुए उत्तराखंड एसटीएफ ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए किसी भी संदिग्ध पेमेंट रिक्वेस्ट को स्वीकार न करने की अपील की है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि इस ठगी में साइबर अपराधी सबसे पहले लोगों के मोबाइल पर ₹1,000 या ₹2,000 खाते में जमा होने का फर्जी एसएमएस या नोटिफिकेशन भेजते हैं। इसे बैंक का क्रेडिट अलर्ट समझकर यदि कोई व्यक्ति नोटिफिकेशन पर क्लिक करता है, तो वह वास्तव में साइबर ठगों द्वारा भेजी गई ‘मनी कलेक्ट रिक्वेस्ट’ होती है।
जैसे ही पीड़ित बैलेंस चेक करने या राशि स्वीकार करने की गलतफहमी में अपना यूपीआई पिन दर्ज करता है, उसके खाते से रकम सीधे साइबर अपराधियों के खाते में ट्रांसफर हो जाती है।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
एसटीएफ ने नागरिकों को सलाह दी है कि पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी यूपीआई पिन दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती। यदि स्क्रीन पर Pay, Approve या Enter PIN का विकल्प दिखाई दे तो तुरंत Cancel या Decline करें। बैलेंस की जानकारी हमेशा बैंक या यूपीआई ऐप के आधिकारिक Check Balance विकल्प से ही प्राप्त करें।
इसके अलावा किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे वापस भेजने से पहले अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट अवश्य जांच लें। किसी भी संदिग्ध मैसेज या नोटिफिकेशन पर बिना पुष्टि किए कार्रवाई न करें।
‘जंप्ड डिपॉजिट स्कैम’ से ऐसे बचें
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी अनजान स्रोत से आपके खाते में छोटी राशि जमा होने का संदेश मिले तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ऐसे नोटिफिकेशन मिलने के बाद कुछ समय तक यूपीआई का उपयोग न करें और 15 से 30 मिनट तक प्रतीक्षा करें। ऐसा करने से साइबर ठगों द्वारा भेजी गई कलेक्ट रिक्वेस्ट की समय-सीमा समाप्त हो सकती है और आप ठगी से बच सकते हैं।
ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होता है तो बिना समय गंवाए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने लोगों से अपने परिवार, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को भी इस नए साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूक करने की अपील की है।