हल्द्वानी। नैनीताल जिले में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। बीते 24 घंटे में कई इलाकों में 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। इसके चलते शिप्रा, गौला, कोसी, दाबका और कालसा नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और कई स्थानों पर तेज बहाव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
स्नो व्यू में 217 मिलीमीटर बारिश
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की सुबह साढ़े नौ बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, नैनीताल स्नो व्यू में सर्वाधिक 217 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। हल्द्वानी-काठगोदाम में 166, मुक्तेश्वर और चोरगलिया में 107.7, कैंची धाम में 105 और खनस्यू में 92.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।
भारी बारिश के कारण कैंची धाम में शिप्रा नदी, हल्द्वानी में गौला नदी, रामनगर में कोसी-दाबका तथा पदमपुरी क्षेत्र में कालसा नदी तेज बहाव में हैं।
48 सड़कें प्रभावित
बारिश और मलबे के कारण जिले में तीन राज्य मार्ग, दो मुख्य जिला मार्ग, एक अन्य जिला मार्ग और 41 ग्रामीण मार्ग बाधित हैं। संबंधित विभाग जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से बंद मार्गों को खोलने में जुटे हैं।
जनहानि के साथ भवनों को भी नुकसान
आपदा रिपोर्ट के मुताबिक जिले में अब तक चार जनहानि, 54 आंशिक भवन क्षति और एक पूर्ण भवन क्षति दर्ज की गई है। इसके अलावा दो पशुहानि और तीन गौशालाओं के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। एक सितंबर को भीमताल क्षेत्र में नाले में बहने से एक बच्ची की मौत हुई थी।
20 परिवार मवेशियों समेत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए
नैनीताल तहसील के अल्चौना-पांडेछोर क्षेत्र में ककड़िया नाले में भारी मात्रा में मलबा और पानी आने से आवासीय क्षेत्र व गौशालाएं प्रभावित हुईं। प्रशासन ने 20 प्रभावित परिवारों को उनके मवेशियों समेत गांव में ही सुरक्षित स्थान पर विस्थापित किया है।
फिलहाल क्षेत्र में बिजली और पेयजल आपूर्ति सामान्य बताई गई है। प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों से तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की गई है।