दूध-पनीर समेत खाद्य उत्पादों के लिए गए सैंपल, गंदगी और लाइसेंस संबंधी खामियां मिलने पर कार्रवाई
देहरादून। लोगों की थाली तक पहुंचने वाले दूध, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत विभागीय टीमों ने देहरादून के होटल, रेस्टोरेंट और दुग्ध प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर तीन रेस्टोरेंट को मौके पर ही बंद करा दिया गया।
अभियान के दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों की रसोई और स्टोर की स्वच्छता, खाद्य लाइसेंस, कच्चे माल के स्रोत, खरीद बिल, पैकेजिंग, लेबलिंग और खाद्य पदार्थों के रखरखाव की जांच की गई। दूध, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया।

किचन में गंदगी मिलने पर बंद कराए रेस्टोरेंट
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त विनय शंकर पांडे के निर्देश पर चलाए गए अभियान के दौरान राजपुर रोड स्थित वन विभाग कार्यालय के बाहर संचालित रेस्टोरेंटों में भी जांच की गई। यहां दो रेस्टोरेंट की रसोई में अत्यधिक गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियां पाई गईं।
टीम ने खाद्य सुरक्षा मानकों में सुधार होने तक दोनों प्रतिष्ठानों को बंद रखने के निर्देश दिए। एक रेस्टोरेंट से खुले पनीर का नमूना लेकर उसकी गुणवत्ता और वास्तविक घटकों की जांच के लिए भेजा गया।
एक अन्य प्रतिष्ठान में वैध खाद्य लाइसेंस मौके पर उपलब्ध नहीं पाया गया। इसके अलावा किचन की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी। नियमों का पालन होने तक खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
दूध और पनीर के सैंपल जांच के लिए भेजे
अभियान के तहत नेहरू ग्राम और छह नंबर पुलिया क्षेत्र में स्थित दुग्ध प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया गया। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी, नगर निगम देहरादून रमेश सिंह के नेतृत्व में टीम ने संदेह के आधार पर एक दूध और एक पनीर का नमूना लिया।
विभाग के अनुसार सभी नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट में गुणवत्ता में कमी या मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पैकेजिंग और लेबलिंग की भी हुई जांच
अभियान के दौरान तीन बड़े होटलों के किचन और स्टोर का निरीक्षण किया गया। टीम ने खाद्य सामग्री के स्रोत, खरीद बिल, लेबलिंग, बैच नंबर, निर्माण तिथि और पैकेजिंग की जांच की।
निरीक्षण के दौरान स्टोर में रखी पैक्ड इमली की लेबलिंग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली। इस पर संबंधित निर्माता को नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा तैयार दाल के दो और चीज का एक नमूना भी जांच के लिए लिया गया।
मिलावट पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है। विभागीय टीमें विशेष रूप से दूध, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों के स्रोत और गुणवत्ता की निगरानी कर रही हैं।
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त विनय शंकर पांडे ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने पनीर, दूध और अन्य दुग्ध उत्पादों की नियमित जांच, नमूना संग्रह और अभियान की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मिलावट या अनधिकृत खाद्य उत्पादों का इस्तेमाल करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।