देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में क्रिप्टो ट्रेडिंग, एआई आधारित ट्रेडिंग और डिजिटल टोकन में निवेश के नाम पर करीब 1.55 करोड़ रुपये की कथित साइबर ठगी का मामला सामने आया है। क्लेमेंटटाउन थाने में मुख्य आरोपी लविश चौधरी उर्फ नवाब अली समेत छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि निवेश पर पांच से आठ प्रतिशत ब्याज और कुछ योजनाओं में 15 प्रतिशत तक रिटर्न का लालच देकर अलग-अलग खातों में रकम जमा कराई गई। रकम वापस मांगने पर फंड रिलीज और टोकन खरीदने समेत कई तरह के शुल्क के नाम पर अतिरिक्त पैसे मांगे गए।
घर पहुंचकर क्रिप्टो निवेश की दी जानकारी
शिकायतकर्ता चंद्र बल्लभ शुक्ला के मुताबिक, फरवरी 2024 में लविश चौधरी अपने साथियों के साथ उनके घर पहुंचा था। आरोप है कि वहां क्रिप्टो ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश की जानकारी देकर Meta Trade समेत विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खाते खुलवाए गए। शुरुआत में 60 हजार रुपये निवेश कराए गए और पांच से आठ प्रतिशत तक ब्याज देने का भरोसा दिलाया गया। तीन महीने में फंड निकालने पर 15 प्रतिशत और छह महीने में निकासी पर 10 प्रतिशत तक रिटर्न देने का दावा किया गया।
कई डिजिटल प्लेटफॉर्म के नाम पर कराया निवेश
शिकायत के अनुसार, इसके बाद BotBro, BotAlpha, Cross Market, Mine Crypto, Manu Life, My Chain और TLC Coin समेत कई डिजिटल प्लेटफॉर्म के नाम पर निवेश कराया गया। आरोपियों ने Zoom मीटिंग, सोशल मीडिया, WhatsApp और Telegram के जरिए योजनाओं की जानकारी दी। इन प्लेटफॉर्म को एआई आधारित ट्रेडिंग, क्रिप्टो और डिजिटल टोकन एक्सचेंज से जुड़ा बताया गया।
अलग-अलग खातों में जमा कराई रकम
पीड़ित का आरोप है कि 4 अप्रैल 2024 से 4 फरवरी 2025 के बीच कई बार रकम जमा कराई गई। इनमें 1.10 लाख, 1.20 लाख, 1.50 लाख, 3.60 लाख और 90 हजार रुपये समेत कई भुगतान शामिल हैं। रकम Chapter Money Solution Private Limited और NPAY Box Private Limited सहित अलग-अलग खातों में भेजी गई। शिकायतकर्ता ने भुगतान से संबंधित दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे हैं।
रकम मांगने पर नए शुल्क का आरोप
आरोप है कि निवेश की रकम और कथित मुनाफा वापस मांगने पर फंड रिलीज, ट्रांसफर और टोकन खरीदने सहित विभिन्न प्रक्रियाओं के नाम पर अतिरिक्त भुगतान करने को कहा गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस दौरान प्लेटफॉर्म और डोमेन के नाम भी बदलते रहे। अक्टूबर 2025 में हुई एक Zoom मीटिंग में कथित तौर पर पुराने प्लेटफॉर्म को बंद कर फंड नए प्लेटफॉर्म पर ट्रांसफर करने की बात कही गई, लेकिन रकम वापस नहीं मिली।
कई स्तरों पर शिकायत के बाद दर्ज हुआ केस
शिकायतकर्ता ने 23 मार्च 2026 को एसएसपी देहरादून को प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद RBI Sachet पोर्टल पर शिकायत की गई और मामला EOW उत्तराखंड के समक्ष भी रखा गया। साइबर क्राइम कार्यालय में दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद अब क्लेमेंटटाउन थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मुख्य आरोपी पर पहले से दो मुकदमे
पुलिस के मुताबिक, लविश चौधरी उर्फ नवाब अली के खिलाफ देहरादून के रायपुर थाने में पहले से धोखाधड़ी के दो मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों में करीब 25 करोड़ और 12 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं। अब 1.55 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मामला उसके खिलाफ दर्ज तीसरा मुकदमा है।
छह आरोपी नामजद
क्लेमेंटटाउन थाना प्रभारी लोकपाल परमार के अनुसार, चंद्र बल्लभ शुक्ला की तहरीर पर अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम की धारा 21, भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में लविश चौधरी उर्फ नवाब अली, नवीन सिंह, अमित कुमार, अनिल कुमार, करण और Chapter Money Solution Pvt. Ltd. के निदेशक को नामजद किया गया है। पुलिस लेनदेन, निवेश योजनाओं और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच कर रही है।