देहरादून/भराड़ीसैंण:
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा परिसर में आज से बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत हो गई। सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण से कार्यवाही प्रारंभ हुई। इससे पहले वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पुष्पों से सुसज्जित विधानसभा भवन में राज्यपाल का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।
इसी दौरान विपक्ष ने सरकार पर प्रोटोकॉल की अनदेखी करने और स्थापित परंपराओं का पालन न करने का आरोप लगाया। बजट सत्र शुरू होने से पहले ही कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन में कांग्रेस विधायक भुवन कापड़ी, हरीश धामी, प्रीतम सिंह, मनोज तिवारी और अनुपमा रावत सहित कई नेता शामिल रहे। इन नेताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि बजट सत्र की अवधि पहले से तय करना लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है।
कांग्रेस विधायकों का कहना है कि सामान्यतः विधानसभा सत्र की अवधि और कार्यसूची तय करने से पहले सभी दलों के साथ विचार-विमर्श किया जाता है, लेकिन इस बार इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार के पास जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए कोई स्पष्ट योजना नहीं है।
बजट सत्र के आरंभ के साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अब यह देखना | महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर किन मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने नजर आते हैं।
