उत्तराखंड

अनोखी शादी: जौनसार में एक ही मंडप में 6 जोड़ों ने लिए फेरे

5 भाई और 1 बहन एक ही दिन लेंगे सात फेरे, सादगी और सामूहिकता की अनोखी मिसाल

देहरादून। तेजी से बदलते दौर में जहां शादियां दिखावे और खर्च का प्रतीक बनती जा रही हैं, वहीं जौनसार बावर क्षेत्र से एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जो परंपरा, सादगी और पारिवारिक एकता की अनूठी कहानी कहती है।

देहरादून जनपद के खारसी गांव में 29 अप्रैल को एक ही आंगन में ऐसा विवाह समारोह होने जा रहा है, जिसकी चर्चा दूर-दूर तक हो रही है। यहां एक ही मंडप के नीचे, एक ही परिवार के 5 भाई और 1 बहन कुल 6 सदस्य एक साथ विवाह बंधन में बंधेंगे।

परिवार ने लिया अनोखा और प्रेरणादायक फैसला

इस खास आयोजन के पीछे हैं दो भाई मोहन सिंह और दौलत सिंह, जिन्होंने अलग-अलग शादियां करने के बजाय सामूहिक विवाह का निर्णय लिया। उनका मानना है कि शादी सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि परिवार और समाज को जोड़ने का माध्यम है।

खर्च नहीं, रिश्तों की होगी भव्यता

आज के समय में जहां शादियों में लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, वहीं यह परिवार सादगी को प्राथमिकता दे रहा है। एक ही मंडप, एक ही व्यवस्था और सामूहिक आयोजन के जरिए न केवल फिजूलखर्ची पर रोक लगेगी, बल्कि आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना भी मजबूत होगी।

निमंत्रण पत्र भी बन गया चर्चा का विषय

परिवार द्वारा भेजे जा रहे निमंत्रण पत्र भी खास हैं। ये केवल शादी का आमंत्रण नहीं, बल्कि उस सामूहिक जीवनशैली की झलक हैं, जो आज के समय में धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है।

गांव में उत्सव जैसा माहौल

खारसी गांव और आसपास के क्षेत्रों में इस अनोखे विवाह को लेकर खासा उत्साह है। स्थानीय लोग इसे एक उदाहरण के तौर पर देख रहे हैं कि सीमित संसाधनों में भी बड़े और यादगार आयोजन किए जा सकते हैं।

परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम

यह सामूहिक विवाह सिर्फ छह शादियों का आयोजन नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतीक है, जिसमें रिश्तों की अहमियत दिखावे से कहीं ज्यादा होती है।

जौनसार बावर का यह आयोजन एक बार फिर साबित करता है कि अगर सोच मजबूत हो, तो सादगी में भी भव्यता दिखाई जा सकती है और परंपराएं सिर्फ निभाई नहीं जातीं, बल्कि जी भी जाती हैं।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *